हिंदी शायरी

बहकते हुए फिरतें हैं कई लफ्ज़ जो दिल में दुनिया ने दिया वक़्त तो लिखेंगे किसी रोज़....

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Wednesday, May 11, 2016


वृद्धाश्रम में मां बाप को छोड़कर 
वो पलटा ही था की....
बाप ने आवाज़ देकर बताया
बेटा अपने मन में किसी प्रकार का बोझ मत रखना

तुझे पाने के लिए दाे बेटियो की हत्या की थी.
सजा तो मिलनी ही थी.. 


Monday, May 9, 2016


कभी लगता है मैं उसकी रूह में शामिल हूँ,,
कभी लगता है वो मेरा जरा सा भी नहीं..!!


वफा कुछ इस तरह निभाया उन्होंने कत्ल करने कि सोचते थे वो,,,,,
और मेरी मोहब्बत की इन्तहा तो देखो हमने उन्हे खँजर थमा दिया....!!


सब कुछ लुटा दिया है तेरी "मुहब्बत" मेँ फिर भी,,,,,
कमबख्त आंसु ही ऐसे हैँ की जो खत्म नहीँ होते...!!


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